मेरे एक मित्र हैं। अत्यंत प्रतिभाशाली, विवेकवान और जिज्ञासु। पढ़ने-लिखने के बेहद शौकीन। जब उनकी रचना किसी पत्रिक
पंकज शर्मा
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हिन्दी साहित्य की पत्रिकाओं की भीड़ में अलग पहचान बनाने वाली 'पाखी' का प्रकाशन सितंबर, 2008 से नियमित जारी है।