कहानी

  • लाल, नीला, पीला

    फागुन के टेसु अभी विदा भी नहीं हुए थे क‍ि गुलमोहर के फूलों का लाल दहकने  लगा । माँ को यह मौसम पसंद था ।

    पूरा पढ़े
  • राजनीति       

    “वह जाति, जिसमें मैं पैदा हुआ, सदियों तक भीषण अमानवीय प्रथा को झेलती हुई कराहती रही, को नेस्तोनाबूद करने में नाकाम

    पूरा पढ़े
  • एक अकेली

    "अभी उम्र ही क्या है पचास का भी तो नहीं है, पूरी जिंदगी पड़ी हुई है।बच्चे कल अपनी-अपनी जिंदगी में व्यस्त हो जाएंगे तब

    पूरा पढ़े
  • आवाज

    एक अनजानी सी आवाज सुबह सुबह बस स्टाप पर खडी सोलह-सत्रह साल की बारहवीं की छात्र अदया के कानो से टकराती हुई झटके से दू

    पूरा पढ़े
  • बात

    मुख़्तसर सी बात इतनी है

    पूरा पढ़े

पूछताछ करें