‘पाखी संवाद-जहां शब्द डरते नहीं’ यूट्यूब मंच से 2 मई, 2026
को प्रसारित संवाद।
भारतीय सिनेमा के इतिहास में सत्यजीत रे केवल एक फिल्मकार नहीं, बल्कि एक नैतिक और सौंदर्यात्मक मानदंड हैं। उनकी कृतियां हमें यह सिखाती हैं कि सिनेमा का असली उद्देश्य मनुष्य के भीतर के संसार को समझना है उसकी पीड़ा, उसकी जिजीविषा और उसकी मौन ....
