बड़े कवि
बड़े कवि भाषा से खेलते हैं, यह जानता हूं, लेकिन दिक्कत तब होती है जब भाषा कवि से खेलने लगती है!
आज हिंदी भाषा के बड़े कवि कुंवर नारायण को याद किया जा रहा है। उनकी एक कविता ‘अबकी बार लौटा तो’ बहुत प्रसिद्ध कविता है। यह कविता जब पहली बार पढ़ी थी तब भी खटकी थी। जितनी बार यह कविता पढ़ता हूं यह मुझे खटकती है। अपनी अक्षमता जानकर मैं खुद को ही धिक....
