यह उपन्यास ग्यारह शीर्षकों के अन्तर्गत बंटा हुआ है। कुछ शीर्षक चरित्रों पर आधारित हैं तो कुछ घटनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। कैकेयी, सुपर्णा-शूर्पणखा, हनुमान चरित्रों पर आधारित खंड हैं, तो विजयपर्व, पंचवटी, लंका जैसे शीर्षक घटनाओं-स्थानों पर आधारित हैं। उपन्यास का आरम्भ होता है, ’कैकेयी’ से। ’कैकेयी’ इस उपन्यास का प्रथम खंड है। इस खंड में आशुतोष राना ....
