उस घर के दरवाजे से टेक लेकर
कमर पर हाथ रखकर खड़ी है
वह कुंवारी लड़की जो
अच्छी सेहतमंद है, सुंदर है
उसकी आंखें, उसकी देह कुछ ढूंढ़ती है
किन्तु जब ऐसी ही कोई लड़की
हो जाती है किसी की
राक्षसी लिप्सा की शिकार, घर्षण का वीभत्स चेहरा हड़प लेता है उसका सम्मान
ग्रहण लगता है उसके अस्तित्व को
सामाजिक मूल्यों ....
