-अनुवाद: पापोरी गोस्वामी

रम्यभूमि

लेखक: भवेंद्र नाथ सैकिया

 

माघ महीने में लाखेश्वर और तारा की शादी हो गई। समय बहुत तेजी से बीत रहा था। आजकल ऊपरी असम की तरफ से निचले असम तक और उसी तरह निचले असम से ऊपरी असम तक दो-दो रेलगाडि़यां चलती हैं। कभी-कभी मालगाडि़यां भी चलती हैं। अब लाखेश्वर के स्कूल को टाउन के सरकारी दफ्रतर से स्वीकृति मिल गई थी। पर दफतर की तरफ से निर्....

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