चंदर की पार्टी चुनाव जीत गयी है। अब तो उसकी और उसके कुटुम्बजनों की किस्मत बदल जाएगी। चंदर यानी चंद्र प्रकाश पार्टी मुख्यालय का चपरासी। पार्टी की जीत के लिए उसने क्या कम मन्नतें मांगी है। जब से चुनाव की घोषणा हुई है, दफ्रतर छोड़ते-छोड़ते दस-साढ़े दस बज जाते थे, फिर भी बिना नागा किये हर रोज घर पहुंचने से पहले माता के मन्दिर में माथा टेका है उसने रेलवे गुमटी के पीछे एक सौ एक स....
