डॉ.अग्निशेखर 

‘आप होते तो खुदखुशी करते’

 

‘आप होते तो खुदखुशी करते’

 

जलावतनी की पीड़ा को कविता के जरिये जन-जन पहुंचाने वाले कश्मीर के विस्थापित कवि डॉ- अग्निशेखर की 3 जुलाई 2017 को ‘फ़ेसबुक’ पर लिखी पोस्ट, ‘मंगलेश डबराल के नाम एक खुला खत’ आज के संदर्भ में इसलिए बेहद जरूरी है ताकि कश्मीर घाटी के नागरिकों के संविधान प्रदत्त मूलभूत ....

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