अनिता रश्मि

अनिता रश्मि की कविताएं

हिमालय का दुख

पहाड़ों पर 
पहाड़ों-सा दुख होता है 
खिल-खिल हंसी में उनकी 
छुपे रहते  
कंटकाकीर्ण राहों के 
उतार-चढ़ाव
होता है दुख 
बड़ा घनेरा 
उतरते हुए पहाड़ से 
लुढ़क जाता जब
कमाऊ पुत्र कोई 
गहरी घाटी में
सधे कदमों के बावजूद,
ले जाता जानवर किसी 
नवयौवना को 
पीठ पर बंधे किलटा सहित....

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