‘पाखी संवाद-जहां शब्द डरते नहीं’ यूट्यूब मंच से 31 जुलाई, 2026
को प्रसारित संवाद।
यदि हिंदी साहित्य से एक ही नाम चुनने को कहा जाए जो इस देश की मिट्टी, मनुष्य, नैतिकता, संघर्ष, भूख, करुणा, विद्रोह और आशा इन सबका सबसे बड़ा प्रतिनिधि हो, तो वह निस्संदेह प्रेमचंद होंगे। वे केवल हिंदी के सबसे बड़े कथाकार नहीं हैं, वे भारतीय समाज के सब....
