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राष्ट्रवाद, साहित्य और विवादों के बीच खड़ा एक जटिल व्यक्तित्व

 ‘पाखी संवाद-जहां शब्द डरते नहीं’ यूट्यूब मंच से 26 जून, 2026 को प्रसारित संवाद।

भारतीय साहित्य के इतिहास में कुछ लेखक ऐसे होते हैं जिनकी रचनाएं केवल साहित्यिक कृतियां नहीं रहतीं, वे राजनीति, राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक पहचान की बहसों का हिस्सा बन जाती हैं। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ऐसे ही लेखक थे।
26 जून 1838 को बंगाल के नैहाट....

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