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मुस्कुराहट में छिपी उदासी का शायर

‘पाखी संवाद-जहां शब्द डरते नहीं’ यूट्यूब मंच से 15 जून, 2026 को प्रसारित संवाद।

उर्दू साहित्य में कुछ शायर ऐसे होते हैं जिनकी आवाज पहली नजर में बेहद सरल, हल्की और मुस्कुराती हुई लगती है, लेकिन भीतर उतरते ही वही आवाज गहरी उदासी, निर्वासन और मनुष्य की अकेलेपन भरी नियति का दस्तावेज बन जाती है। इब्ने इंशा ऐसे ही शायर थे। वे केवल ग़ज़....

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