प्रियदर्शन

तिरस्कार की तरह इन दिनों  साहित्य के पुरस्कार

अज्ञेय की मशहूर कविता है ‘बौद्धिक बुलाए गए’। यह कुछ इस तरह चलती हैµ‘हमें / कोई नहीं पहचानता था। / हमारे चेहरों पर श्रद्धा थी। / हम सबको भीतर बुला लिया गया। / उसके चेहरे पर कुछ नहीं था। / उस ने हम सब पर एक नजर डाली। / हमारे चेहरों पर कुछ नहीं था। / उसने इशारे से कहा इन सबके चेहरे उतार लो। / हमारे चेहरे उतार लिए गए। / उसने इशारे से कहा / इन सबको सम्मान बांटो: / हम सबको सि....

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