‘गांव से लौटते हुए’ बहुमुखी प्रतिभा की धनी डॉ- पारुल तोमर का दूसरा कविता संग्रह हैं। साहित्य में पारुल की सक्रियता और प्रभाव व्यापक हैं। इनकी रचनाएं निरंतर देश की लगभग सभी पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं। पारूल की चित्रकला एवं साहित्य की खुशबू, गांव, कस्बों से लेकर शहर की लोक परंपराओं की याद दिलाती हैं। पारूल के बनाए चित्र विभिन्न पत्रिकाओं के म....
