आलोक कुमार

पीड़ा और प्रतिरोध की कविताएं

अरुण कमल जीवन की प्रामाणिकता के कवि हैं। सेतु प्रकाशन से प्रकाशित ‘किराये का घर’ उनका आठवां काव्य-संग्रह है। उन्होंने अपनी कविताओं में समाज के उन लोगों की आह और पीड़ा को उठाया है जो प्रायः हमारी नजरों से ओझल ही रहे हैं। हिंदी कहानी में जो काम शैलेश मटियानी ने किया था, वही काम इस कवि ने हिंदी कविता में किया है। अरुण कमल जीवन को संपूर्णता के साथ हमारे सामने लात....

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