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डिजिटल युग में अभिव्यक्ति की घेराबंदी

यूट्यूब आज की पीढ़ी के लिए अपनी बात दुनिया के सामने रखने का सबसे प्रभावशाली मंच बन चुका है। कभी इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का लोकतांत्रिक माध्यम कहा जाता था जहां कोई भी व्यक्ति अपनी बात, अपना विचार, अपनी असहमति और अपने समय के सच को दुनिया तक पहुंचा सकता था। इंटरनेट और सोशल मीडिया के उदय ने यह उम्मीद जगाई थी कि अब सूचना और विचारों के प्रवाह पर कुछ गिने-चुने संस....

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