रंग, तुक और कल्पना के जादूगर
‘पाखी संवाद-जहां शब्द डरते नहीं’ यूट्यूब मंच से 2 मार्च को प्रसारित संवाद।
बाल साहित्य की चर्चा हमारे साहित्यिक विमर्श में अक्सर हाशिये पर चली जाती है। बड़े विषय, बड़ी राजनीति, बड़े उपन्यास-इन सबके बीच बच्चे और उनकी दुनिया जैसे ‘छोटा’ विषय मान लिए जाते ....
