इस समय की सबसे बड़ी त्रसदी यही है कि मनुष्यता निरंतर अपने निम्नतम स्तर पर जा रही है और मनुष्यता के विरोधी आगे बढ़ते जा रहे हैं। अमूमन हर दौर में ऐसी परिस्थितियां रही हैं किंतु यह दौर अधिक परेशान करने वाला है। इंसान बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है और ख्वाहिशों के एक ऐसे जंगल में भटका हुआ है, जहां वह आनंद पाना चाहता है मगर उसे आनंद नहीं मिलता है। भटकाव इतने हैं कि समय कम पड़....
