खुशबू शर्मा

खुशबू शर्मा की कविताएं            

प्रेम

प्रेम की आवाज नहीं होती 
पर वह तुम्हारे हृदय में उतरकर 
जीवन का सबसे महत्वपूर्ण संगीत पैदा करता है
जैसे सूरज की किरणें बिना किसी शोर के 
जीवन की गर्माहट देती आई हैं धरती को 

प्रेम का नहीं होता कोई रूप
पर उसकी अनुभूति के स्पर्श मात्र से 
हर रूप में साकार नजर आता है वो 
जैसे मंजिल तलाशती आंखों के साथ<....

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