राजेंद्र उपाध्याय

राजेंद्र उपाध्याय की कविताएं

 

खोई हुई चीजें

मेरे पास जितनी चीजें हैं
उनसे ज्यादा मैंने खोईं

उनके नाम भी मैं नहीं जानता
उनको मैं गिन भी नहीं सकता
उनकी धुंधली-सी याद बस अब बची है।

इतने बरस हो गए उनको गए
कि अब अगर वे मेरे पास आकर बैठ भी जाए
तो भी मैं उन्हें पहचान नहीं पाऊंगा।

एक दिन वे मेरे इतने पास थी
कि मैं ....

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