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एक समय जिंदगी उसकी बहुत खूबसूरत थी। बचपन और जवानी थोड़े संघर्ष में बीती। पर उम्र के मध्य में उसकी जिंदगी पटरी पर आ गई। खूबसूरत हो गई। दिन सोने के, रात चांदी की हो गई। सफलता उस के कदम चूमती। नौकरियां वह ऐसे बदलता जैसे कपड़े बदल रहा हो। शुरू में आदर्श, विचारधारा, नैतिकता, शुचिता की भी बात करता था। पर धीरे-धीरे सब तिरोहित होती गई। सफलता की नदी में सब मछली की तरह कूदती-फ....
