सतीश जमाली का नाम मैंने उसी दिन पहली बार तब सुना जब उनसे मिला। सत्तर के दशक की बात है। मैं तब अठारह वर्ष का था। यह उम्र कभी-कभी तो इनसान को जिम्मेदारियों के बोझ से परिपक्व कर देती है या फिर स्वाभाविक रूप से परिपक्व होने की दिशा में बढ़ रही होती है। मेरे समय में तो वोट देने का अधिकार भी इक्कीस वर्ष की अवस्था में मिलता था। तो, कह सकता हूं कि कानूनन भी मैं नाबालिग था और बुद्धि से ....
