राजेंद्र उपाध्याय

राजेंद्र उपाध्याय की कविताएं

नदियों के किनारे

मैं नदियों के किनारे पैदा नहीं हुआ तो क्या हुआ
नदियों की तलाश में बीत गया मेरा सारा जीवन।
नदियों के किनारे मेरा घर न हुआ तो क्या हुआ।
नदियों के किनारे पैदा होते हैं महापुरुष
महाकवि पैदा होते हैं

उनकी कविताओं में एक सरिता बहती है
मेरी कविताओं में बहती है आंसुओं की सरिता।
सरयू का नाम राम से, जमुना क....

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