संपादक

दूसरों के पाप गिनाने से...

‘दैनिक जागरण’ ने 29 दिसंबर, 2025 के अंक में साहित्यकार संपादक अनंत विजय का एक आलेख  प्रकाशित किया जो धर्म, राष्ट्र और वैश्विक उदाहरणों के सहारे भारत में उठने वाली लोकतांत्रिक आपत्तियों को अप्रासंगिक ठहराने की कोशिश करता है। ‘पाखी’ के यूट्यूब चैनल ‘पाखी संवादµजहां शब्द डरते नहीं’ में इस मुद्दे पर जारी विडियो को सराहा गया और कई प्रबुद्ध रचनाकार....

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