क्षमा शर्मा

लुच्ची लुगाइयां

इक्कीसवीं सदी शुरू होने में अभी चार साल बाकी थे। कंप्यूटर क्रांति और मोबाइल क्रांति साथ-साथ चल रही थीं। लोग इन जादुई 
उपकरणों को देखकर चकित थे। 
यह कथा भी ब्रज इलाके में, उत्तर प्रदेश के एक गांव में शुरू हुई।
हफ्रते भर के भीतर चौथा फोन। लगातार फोन आ रहे थे। रात के साढ़े दस बजे थे। सब सो चुके थे कि फोन की लंबी घंटी बजी। आंख खुलते ही समझ में आ गया था कि फोन किसी बाहर ....

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