इमरोज यानी आसमान और धरती की जिल्द वाली एक किताब। इमरोज का होना, हमारे बीच एक ऐसे जादुई कैनवस का होना था जिसपर किसी भी रंग से कुछ भी उकेरते उसका मायने होता ‘प्रेम’।
कलाकार क्या होता है? जिसकी कला प्यार करना सिखाए! इमरोज से वक्त के किसी भी पहर सीखा जा सकता था तो बस ‘प्रेम करना’। अस्ल में जिंदगी को उसके मुकम्मल तौर पर जीना। प्रेम विहीन जिंदगी की कल्पना करना भी कितन....
