अलस्सुबह छह बजे
अजान की तेज़ आवाज़
गाँव के एक कोने पर बनी
मस्जिद से निकल कर
फैल गयी दूसरे कोने तक ।
"मुल्ला बोला" कहते-कहते राकेश
दूध के चार-पाँच डोलचे
हाथों में लटकाये
जल्दी-जल्दी निकलता है घर से ।
किसी रसोईघर में
चाय के खौलते पानी को
इंतज़ार है दूध का,
स्कूल जाने को तैयार बैठा
एक छोटा-सा बच्चा
बोर्नविटा वाला ....
