अमित जिस घर में ट्यूशन पढ़ाने जाता था, उस घर में एक नवयुवती अक्सर दिखलाई पड़ती थी। जो उन बच्चों की बुआ थी जिसको अमित ट्यूशन पढ़ाने जाता था। पढ़ाने के बाद वह सीधे अपने आवास के लिए निकल जाता था। वैसे भी घर से बाहर ट्यूशन पढ़ाने के काम से ही बेरोजगारी में उसकी दाल-रोटी चल रही थी।
अचानक एक हादसा होता है और उन बच्चों के दादा जी गुजर जाते हैं। अर्थात् उन बच्चों की बुआ, सौम्....
