सामयिक असहिष्णुता का माहौल-बाहर से सौम्य, भीतर से उग्र-सरकार के धर्मांध पैंतरे और असंगठित लेखक समुदाय को लेकर आपके विचार क्या हैं और क्या किया जाना चाहिए?
देखिए, सहिष्णुता की जरूरत तो समाज में पड़ती है। समाज चाहे जिस तरीके से हो-परिवार हो, मित्र समाज हो, राष्ट्र हो-वहां, जहां लोग साथ में रहते हैं, आपस में मिलते हैं, उनका आपस में संबंध होता है। लोगों के विचार अलग-अलग ....
