हमारा सौभाग्य है कि आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के प्रिय शिष्य श्री विश्वनाथ त्रिपाठी अभी हमारे बीच हैं। हालांकि उनकी उम्र अब प्रायः 93-94 हो रही होगी। उच्च शिक्षा के लिए विश्वनाथ त्रिपाठी कानपुर के बाद वाराणसी आ गए थे और फिर इनको हजारी प्रसाद
द्विवेदी का ऐसा स्नेह मिला कि एक समय तो द्विवेदी जी के घर में ही रहने लगे और जब द्विवेदी जी को वाराणसी से चंडीगढ़ जाना पड़ा तो ....
