प्रदीप कुमार राय

कारोबार

मूल: गौरहरि दास, ओड़िआ से हिंदी अनुवाद: प्रदीप कुमार राय

उस दिन भुवनेश्वर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर नरेंद्र प्रसाद एक सीमेंट के बेंच पर बैठ कर सुबह का अखबार खोल ही रहे थे कि वह आया और शुरू हो गया, ‘मेरी दुनिया उजड़ गई बाबूजी। आप मुझे बचा लीजिए, मैं बर्बाद हो गया। मेरे बेटे की तबीयत बहुत खराब है, अभी तुरंत अगर अस्पताल न ले गया तो वह मर जाएगा...।’
नरे....

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