राख केवल राख नहीं है
प्रमाण है
आग के होने का
और नियति है आग की
जीवन आग और राख के
बीच की घटना है
जो घटित हो रही है निरंतर
(भाषा एक सराय है, पृष्ठ 22)
हिंदी के विचारक, संपादक और आलोचक ब्रज रतन जोशी का पहला कविता संग्रह ‘भाषा एक सराय है’ (2024) अभी प्रकाशित हुआ है। इस संग्रह की एक कविता की उक्त पंक्तियों से गुजरते हुए बरबस कबीर की ....
