क्या पहचान सिर्फ आंखों की होती है? आंखें इस पहचान को दिल दिमाग तक क्यों नहीं ले जाती हैं? वह लड़का तो खैर तीन वर्ष से परिचित था किंतु अपने पिता को भी वह कहां जान पाई, जिनके साथ उम्र के तीस साल गुजारे थे? ...और अब तक उनके रंग बदलते व्यक्तित्व से अपरिचित हूं, वैसे ही जैसे तीन साल से परिचित उस लड़के, प्रेमी, पति से!
दोनों एक जैसे ही थे, सिर्फ एक हल्का-सा फर्क था। हर व्यक्ति को देखते वक....
