यह लेख शरबत के बारे में नहीं है-उस शरबत के बारे में तो कतई नहीं जो रामदेव बना रहे हैं और जिसे बेचने के लिए एक अलग तरह के शरबत का विज्ञापन कर रहे हैं। यह पिछले कुछ दशकों में भारतीयता के नाम पर बनाए जा रहे उस शरबत के बारे में है जिसमें मिठास नहीं, जहर मिला हुआ है-वह जहर जो समाज को काटता और बांटता है।
योग गुरु रामदेव ने शुरुआत योग से की थी। यही वह काम है जो निस्संदेह वह कुशलता....
