पवन कुमार

संतों की वाणी, जावेद अख़्तर की जबानी

'जब तक जिंदगी है, तब तक तकलीफ है, दुख है, परेशानी है। लेकिन जो ज्ञानी है, समझदार है, होशियार है, जो बुद्धिमान है, अक्लमंद है, वो इसको झेलता है अपने ज्ञान, अपनी अक्ल, अपनी समझदारी से। वह तकलीफ झेलता भी है और उससे सीखता भी है और उसे सुलझाने की कोशिश भी करता है, बगैर दुखी हुए। लेकिन जो मूरख है, नादान है, नासमझ है, वह अपनी परेशानी पर सिर्फ रोता है। पर सिर्फ रोने से तो परेशानी कम होने व....

Subscribe Now

पाखी वीडियो


दि संडे पोस्ट

पूछताछ करें