विनीता बाडमेरा

बड़ी दुनिया में ही रहती है एक ‘छोटी-सी दुनिया’

पहली बार पढ़ा था ज्ञान प्रकाश विवेक जी का लिखा उपन्यास ‘डरी हुई लड़की’, गैंगरेप की शिकार उस लड़की की मनोदशा को जिस तरह एक पुरुष ने लिखा मैं हैरान थी। इसे पढ़ न जाने कितनी ही दफा अश्रु छलके। उसके बाद तो ज्ञान प्रकाश जी के दो और उपन्यास ‘विस्थापन’ और ‘व्हील चेयर’ को पढ़ा। सर जिस तरह मनुष्य की संवेदनाओं को लिखते हैं और वो लिखा हुआ दिखता है तो ऐसा प्रतीत होता है जैसे सामने ....

Subscribe Now

पाखी वीडियो


दि संडे पोस्ट

पूछताछ करें