आज दिनेश की किताब ‘श्रद्धांजलि’ को वर्ष की श्रेष्ठ एवं चर्चित पुस्तक का पुरस्कार मिला है। पुरस्कार लेते समय दिनेश की आंखें भर-भर जा रही थीं। मन था कि पसीज रहा था। कहां वह दो-चार लाइन लिखने वाला, कहां यह सम्मान। हां, पाठक वह बहुत ही अच्छा था, शायद यह उसका ही पारितोष है। वरना वह कहां इस पुरस्कार के लायक था। खैर, सम्मानित हो कर जब वह गाड़ी में बैठ घर लौटने लगा तब स्मृतियां मह....
