दो बदनसीब मजारों की दास्तान
विख्यात गजल गायक मेहदी हसन 1977 में कोई तीस बरस बाद अपने देश लौटे थे। वे राजस्थान के राज्य अतिथि थे और खासा कोठी में ठहरे थे। शाम को रविंद्र मंच के मुक्ताकाश पर उनका कार्यक्रम था। मुक्ताकाश पूरा भर चुका था और रामनिवास बाग में श्रोताओं का हुजूम उमड़ रहा था। पूरे रामनिवास बाग में लाउड स्पीकर लगाए गए थे। उस दिन अपने प्रिय गाय....
