किताबों को कवर से नहीं आंकना चाहिए ऐसा कहा जाता है परंतु कुछ किताबें आदि से अंत तक हर पहलू से उतनी ही खूबसूरत होती है जैसे कि ‘जमाने में हम’। किताब के मुख पृष्ठ पर निर्मला जी की गरिमामयी छवि चश्मे से झांकती आंखों की चमक आकर्षित करती है। रंग संगती से लेकर फ्रलैप और फॉण्ट से गुजरते हुए सुचारू रूप से सटीक शीर्षकों को सिर माथे सजाएं जीवन का हर पन्ना एक के बाद एक खुलता जात....
