रेखा सेठी

मेधा, सृजन और दृढ़ता की योग: डॉ. निर्मला जैन

हिंदी की स्त्री रचनाकारों की कतार में आलोचक बहुत कम हैं। जेंडर और साहित्य के रिश्तों की पड़ताल में एक अदृश्य-सा समझौता दिखाई पड़ता है। रचना का संबंध मनुष्य के भाव जगत से अधिक है, इसलिए वह स्त्रियों के हिस्से रहा लेकिन जहां साहित्य का नीति निर्धारण होता है, ताकत के समीकरण बनते हैं किसी एक को प्रतिष्ठित व दूसरे को अदृश्य करने की योजनाएं बनाई जा सकती हैं, आलोचना का वह संसार, प....

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