सन् 1971 में मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में एम.ए. में दाखिला लिया। हमें दक्षिण परिसर में कक्षाएं मिलीं। दिल्ली विश्वविद्यालय का दक्षिण परिसर उसी साल नया-नया बना था। वह भी एक कॉलेज में कुछ कमरे किराए पर लेकर। संयोग है कि कुछ ही समय पहले डॉ- निर्मला जैन लेडी श्रीराम कालेज से हिंदी विभाग में रीडर नियुक्त हुई थीं। तब डॉ- निर्मला जैन सप्ताह में हमारी दो-तीन कक....
