अभी रौशन हुआ जाता है रास्ता
वो देखो एक औरत आ रही है
शकील जमाली का यह शे’र प्रो- निर्मला जैन पर ठीक बैठता है। जैसे यह उन्हीं के लिए लिखा गया हो। निश्चय ही उनके आने से हिंदी की अकादमिक दुनिया का रास्ता रौशन हुआ था। और कहना तो यह चाहिए कि सिर्फ रौशन ही नहीं हुआ था बल्कि बहुतों के लिए रास्ता बना भी था। निर्मला जी के व्यक्तिव की आभा ने हजारों लड़कियों की आंखों में सपनों क....
