अर्पण कुमार

वाचिक परंपरा के माध्यम से इतिहास में दर्ज

कई बार कुछ कार्यक्रम बड़े स्थायी महत्व के साबित होते हैं। पिछले दिनों ऐसा ही एक कार्यक्रम फेसबुक पर देखने-सुनने को मिला। इसमें एक ऐसी किताब पर चर्चा हुई, जो निर्मल वर्मा के रचना-संसार को समझते हुए किसी पाठक के-से विनीत भाव और उसकी घोषित स्वीकृति के साथ लिखी गई है। ‘बीच बहस में: निर्मल वर्मा’ फेसबुक पेज से इस बेहद खास कार्यक्रम का ऑनलाइन आयोजन संभव हुआ। प्रियंका दुबे और....

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