‘मे रे जीवन के अनुभव’ नाम से संतराम बी.ए. (1887-1988) ने 1963 में आत्मकथा लिखी थी। इसी समय 1960 में पांडेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ ने ‘अपनी खबर’ शीर्षक से आत्मकथा लिखी थी। ‘उग्र’ की आत्मकथा की चर्चा हिंदी साहित्य के अंतर्गत खूब हुई और इसे प्रायः एकमत से हिंदी की श्रेष्ठ आत्मकथा का दर्जा प्रदान किया गया। संतराम की आत्मकथा साहित्य के भीतर या बाहर ज्यादा चर्चित नहीं हो सकी।
....
