बोलै सेख फरीदु पियारे अलह लगे।।
इहु तनु होसी खाक निमाणी गोर घरे।।
(आदि ग्रंथ, पृ. 488)
फारसी के महान सूफी विद्वान एवं संत-कवि मौलाना जामी का कथन है-बंदा-ए-इश्क शुदी तर्के-नस्ब कुन जामी।
क अंदर ई राह फुलां इबने फुलां चीजे-नीस्त।
ऐ जामी, तू प्रभु के प्रेम का गुलाम हो जा और पारिवारिक रिश्ते छोड़ दे, क्योंकि इस रास्ते में यह नहीं देखा जाता कि कौन किसका प....
