गजल

  • रोज भटकता रात दिन मुझमें यह गुजरात

    फ्लेग  मार्च घोड़े करें, कफ्रर्यू आधी रात रोज भटकता रात दिन, मुझमें यह गुजरात

    पूरा पढ़े

रचनाकार

पूछताछ करें