कहानी

  • पापा! आर यू ओके?

    सांझ ढलते ही उस बस्ती में सन्नाटा पसरने लगा था। यूं तो गुजस्ता कई दिनों से दिन के उजाले में भी गहमा-गहमी, चहल-पहल गाय

    पूरा पढ़े
  • राजनीति

    शासन ने देर रात मेयर की सीट पर आरक्षण जारी कर दिया। महापौर की महिला सीट का ऐलान होते ही सारे समीकरण बदल गये।

    पूरा पढ़े
  • ख़ुशिया

    ख़ुशिया सोच रहा था।

    पूरा पढ़े
  • मानुष-गंध

    मैंने अब तक अपनी गागर का मुंह करीने से बंद कर दिया है। नहीं तो बताना शुरू करने के साथ ही यह छलकती चली जाएगी। लिखता क्

    पूरा पढ़े
  • और चांद सितारे बोल उठे

    अभी चंद्रोदय में देर थी, लेकिन वो तैयार बैठी थी।  जैसे-जैसे तारे रोशन होते थे, उसके माथे की चमक बढ़ती जाती थी।  ‘‘सुब

    पूरा पढ़े

पूछताछ करें