रमेश अनुपम 

हमारे समय में सार्थक हस्तक्षेप की कविताएं 

उमा शंकर चौधरी के नवीनतम काव्य संग्रह ‘कुछ भी वैसा नहीं’ में संग्रहित कविताओं को पढ़ते हुए यह जाना जा सकता है कि वे अक्सर अतीत और वर्तमान के बीच आवाजाही करने वाले हमारे समय के एक सजग कवि हैं जो वर्तमान पर एक गहरी निगाह रखते हैं। हमारे समय में जो भी मनुष्य विरोधी घट रहा है या घट रहा है उसे अपनी कविताओं में दर्ज करने का प्रयास करते हैं। उनके यहां ज्यादातर कविताएं ह....

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