देवेश पथ सारिया

देवेश पथ सरिया की तीन कविताएं

इतना सुंदर जैसे दर्द

कांच की गुट्टी, पेटू बोतल से
सबसे सस्ती हरे रंग की वैसलीन
उंगलियों से निकालकर, पोतना चेहरे पर
टूटे शीशे में देखकर
बाल काढ़ना चंपू स्टाइल में
नाइसिल के पाउडर का
किसी रहस्य के तहत उड़ते रहना हर बखत

मम्मी के बालों में बांधने का चुटीला
बहन का लाल रिबन
और गर्ल्स हॉस्टल की
जाने किस लड़की के उ....

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